जशपुर में दस्तावेज लिए जाने पर मितानिनों ने जताई चिंता, सीएमएचओ ने कहा- व्यवस्था में बदलाव की बात गलत

जशपुरनगर। जिलेभर की मितानिनें मंगलवार को अपने कार्य को लेकर उठी आशंकाओं के बीच जिला मुख्यालय पहुंचीं। मितानिनों ने कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को ज्ञापन सौंपकर एनएचएम से हटाकर किसी ठेका कंपनी के अधीन किए जाने की चर्चा पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

मितानिनें सुबह से ही रणजीता स्टेडियम में जुटने लगी थीं। दोपहर करीब 2 बजे वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और ज्ञापन सौंपा। इसके बाद मितानिनों का समूह सीएमएचओ कार्यालय पहुंचा और दस्तावेज लिए जाने की प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों से जानकारी मांगी।

आधार कार्ड समेत दस्तावेज लिए जाने से बनी आशंका

मितानिनों का कहना है कि कुछ दिन पहले आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर उनके और परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज लिए गए थे। उनका आरोप है कि दस्तावेज लेने के उद्देश्य की उन्हें पहले स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

जब उन्होंने दस्तावेज लेने वाली संस्था से इस संबंध में जानकारी मांगी तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद मितानिनों के बीच यह आशंका बनी कि कहीं उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से हटाकर किसी ठेका कंपनी के अधीन काम करने के लिए तो नहीं किया जा रहा है।

मितानिन बोलीं- ठेका कंपनी के अधीन काम नहीं करेंगे

सारूडीह की मितानिन निरमंती बाई ने बताया कि दस्तावेज लिए जाने के बाद जानकारी हासिल करने का प्रयास किया गया, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से मितानिनों के बीच असमंजस की स्थिति बनी।

उन्होंने कहा कि मितानिनें ठेका कंपनी के अधीन काम करने के पक्ष में नहीं हैं। इसी आशंका को लेकर जिलेभर की मितानिनें अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने जिला मुख्यालय पहुंचीं।

सीएमएचओ ने कहा- मितानिनों को हटाने की कोई योजना नहीं

मितानिनों की आशंका पर सीएमएचओ डॉ. जीएस जात्रा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मितानिनों को एनएचएम से हटाने या किसी ठेका कंपनी के अधीन करने की बात गलत है।

उन्होंने बताया कि मितानिनों के परिवार के अन्य सदस्यों को भी आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इसी उद्देश्य से परिवार के सदस्यों से संबंधित जानकारी और दस्तावेज जुटाए गए हैं।

परिवार के सदस्यों का डाटा जुटाने के लिए ली गई जानकारी

सीएमएचओ के अनुसार परिवार के सदस्यों से संबंधित डाटा अलग से एकत्र किया गया है। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया अपनाई गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस डाटा संग्रह का मितानिनों की वर्तमान कार्य व्यवस्था से कोई संबंध नहीं है। मितानिनों को एनएचएम से हटाने या उन्हें किसी अन्य व्यवस्था के तहत काम कराने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

अधिकारियों की जानकारी के बाद दूर हुई शंका

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मितानिनों को दस्तावेज लिए जाने और डाटा संग्रह की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि यह प्रक्रिया परिवार के अन्य सदस्यों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से की जा रही है।

अधिकारियों के स्पष्टीकरण के बाद मितानिनों की शंकाओं का समाधान किया गया और वे वापस लौट गईं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने मितानिनों की कार्य व्यवस्था में किसी बदलाव की बात से इनकार किया है।

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